Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.58.28-29: हाथियों के विचित्र झूले, मृगचर्म और कम्बल फटकर गिर पड़े हैं। चाँदी के धागों से रंगे हुए झूले, अंकुश और बहुत-सी घंटियाँ भी बड़े-बड़े हाथियों के साथ भूमि पर गिर पड़ी हैं॥ 28-29॥ | mahabharat अध्याय 8.58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हाथियों के विचित्र झूले, मृगचर्म और कम्बल फटकर गिर पड़े हैं। चाँदी के धागों से रंगे हुए झूले, अंकुश और बहुत-सी घंटियाँ भी बड़े-बड़े हाथियों के साथ भूमि पर गिर पड़ी हैं॥ 28-29॥
‘The elephants' strange swings, deerskin and blankets have fallen in tatters. The swings painted with silver threads, the goads and many bells broken into many pieces have fallen on the ground along with the great elephants.॥ 28-29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥