Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.58.15: सोने की ढालें, किनारी से सजे पट्टे और सोने की छड़ियों से सुसज्जित कुल्हाड़ियाँ फेंकी गई हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.58.15 
जातरूपमयीश्चर्ष्टी: पट्टिशान् हेमभूषणान्।
दण्डै: कनकचित्रैश्च विप्रविद्धान् परश्वधान्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
सोने की ढालें, किनारी से सजे पट्टे और सोने की छड़ियों से सुसज्जित कुल्हाड़ियाँ फेंकी गई हैं।
 
‘Golden shields, hem-adorned sashes and axes fitted with golden staves have been thrown.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)