श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 58: अर्जुनका श्रीकृष्णसे युधिष्ठिरके पास चलनेका आग्रह तथा श्रीकृष्णका उन्हें युद्धभूमि दिखाते और वहाँका समाचार बताते हुए रथको आगे बढ़ाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.58.1 
संजय उवाच
एवमेष महानासीत् संग्राम: पृथिवीक्षिताम्।
क्रुद्धेऽर्जुने तथा कर्णे भीमसेने च पाण्डवे॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! इस प्रकार अर्जुन, कर्ण और पाण्डुपुत्र भीमसेन के क्रोधित हो जाने पर राजाओं में युद्ध क्रमशः बढ़ने लगा।॥1॥
 
Sanjaya says - O King! In this way, when Arjun, Karna and Pandu's son Bhimasena became angry, the battle between the kings started increasing gradually. ॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)