संजय उवाच
एवमेष महानासीत् संग्राम: पृथिवीक्षिताम्।
क्रुद्धेऽर्जुने तथा कर्णे भीमसेने च पाण्डवे॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! इस प्रकार अर्जुन, कर्ण और पाण्डुपुत्र भीमसेन के क्रोधित हो जाने पर राजाओं में युद्ध क्रमशः बढ़ने लगा।॥1॥
Sanjaya says - O King! In this way, when Arjun, Karna and Pandu's son Bhimasena became angry, the battle between the kings started increasing gradually. ॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥