vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 57: दुर्योधनका सैनिकोंको प्रोत्साहन देना और अश्वत्थामाकी प्रतिज्ञा
»
श्लोक 7
श्लोक
8.57.7
प्रत्यक्षं सर्वसैन्यानां भवतां चापि पश्यताम्।
न्यस्तशस्त्रो मम पिता धृष्टद्युम्नेन पातित:॥ ७॥
अनुवाद
‘मेरे पिता को धृष्टद्युम्न ने उन सभी सैनिकों के सामने मार डाला, जिन्होंने आप सभी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
‘My father was killed by Dhrishtadyumna in front of all the soldiers who had surrendered in front of you all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×