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mahabharat 8.57.7: ‘मेरे पिता को धृष्टद्युम्न ने उन सभी सैनिकों के सामने मार डाला, जिन्होंने आप सभी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।   |   mahabharat अध्याय 8.57: दुर्योधनका सैनिकोंको प्रोत्साहन देना और अश्वत्थामाकी प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 57: दुर्योधनका सैनिकोंको प्रोत्साहन देना और अश्वत्थामाकी प्रतिज्ञा  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.57.7 
प्रत्यक्षं सर्वसैन्यानां भवतां चापि पश्यताम्।
न्यस्तशस्त्रो मम पिता धृष्टद्युम्नेन पातित:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
‘मेरे पिता को धृष्टद्युम्न ने उन सभी सैनिकों के सामने मार डाला, जिन्होंने आप सभी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
 
‘My father was killed by Dhrishtadyumna in front of all the soldiers who had surrendered in front of you all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)