Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.97-100h: महाराज! तब लक्ष्यभेदन में निपुण, सर्वत्र विख्यात और वीरता से युक्त एक हजार रथी, तीन सौ हाथी, चौदह हजार घोड़े और दो लाख पैदल सैनिकों को साथ लेकर महारथी कुन्तीकुमार पाण्डुनन्दन ने बाणों की वर्षा से अर्जुन को आच्छादित करते हुए उन पर आक्रमण किया। | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! तब लक्ष्यभेदन में निपुण, सर्वत्र विख्यात और वीरता से युक्त एक हजार रथी, तीन सौ हाथी, चौदह हजार घोड़े और दो लाख पैदल सैनिकों को साथ लेकर महारथी कुन्तीकुमार पाण्डुनन्दन ने बाणों की वर्षा से अर्जुन को आच्छादित करते हुए उन पर आक्रमण किया।
Maharaj! Then taking with him one thousand chariots, three hundred elephants, fourteen thousand horses, and two lakh infantrymen, proficient in hitting the target, renowned everywhere and full of bravery, the great warrior Kuntikumar Pandunandan attacked Arjun, covering him with a shower of his arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥