Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.56.96-97h: हे भारत! युद्ध में वीरता दिखाने वाले अर्जुन को आपकी सेना में आते देख आपके पुत्र दुर्योधन ने पुनः संशप्तकों को उस पर आक्रमण करने के लिए प्रेरित किया।   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 96-97h
 
 
श्लोक  8.56.96-97h 
तं दृष्ट्वा युधि विक्रान्तं सेनायां तव भारत॥ ९६॥
संशप्तकगणान् भूय: पुत्रस्ते समचूचुदत्।
 
 
अनुवाद
हे भारत! युद्ध में वीरता दिखाने वाले अर्जुन को आपकी सेना में आते देख आपके पुत्र दुर्योधन ने पुनः संशप्तकों को उस पर आक्रमण करने के लिए प्रेरित किया।
 
Bhaarata! Seeing Arjuna, who was displaying valour in battle, entering your army, your son Duryodhana once again inspired the Samshaptakas to attack him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)