Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.93-94h: जैसे ऋत्विजों द्वारा विधिपूर्वक आवाहन किए जाने पर अश्विनीकुमार नामक दोनों देवता यज्ञ में प्रकट होते हैं, उसी प्रकार रणकुशल श्रीकृष्ण और अर्जुन भी आवाहन किए हुए ही यज्ञ में प्रकट हुए। 93 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे ऋत्विजों द्वारा विधिपूर्वक आवाहन किए जाने पर अश्विनीकुमार नामक दोनों देवता यज्ञ में प्रकट होते हैं, उसी प्रकार रणकुशल श्रीकृष्ण और अर्जुन भी आवाहन किए हुए ही यज्ञ में प्रकट हुए। 93 1/2॥
Just as both the gods named Ashwini Kumar appear in the yagya after being ritually invoked by the Ritvijas, in the same way, the battle-skilled Shri Krishna and Arjun also appeared in the yagya as if they were invoked. 93 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥