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mahabharat 8.56.86: जनार्दन! आप जानते ही हैं कि कर्ण कितना बलवान और पराक्रमी है। इसलिए अन्य योद्धा उसे युद्धभूमि में पराजित नहीं कर सकते।'   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  8.56.86 
न च कर्णं रणे शक्ता जेतुमन्ये महारथा:।
जानीते हि भवान् कर्णं वीर्यवन्तं पराक्रमे॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
जनार्दन! आप जानते ही हैं कि कर्ण कितना बलवान और पराक्रमी है। इसलिए अन्य योद्धा उसे युद्धभूमि में पराजित नहीं कर सकते।'
 
‘Janardan! You know how strong and valorous Karna is. Therefore, other warriors cannot defeat him in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)