श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 74-75h
 
 
श्लोक  8.56.74-75h 
रथिभि: सादिभि: सूतै: पादातैर्वाजिभिर्गजै:॥ ७४॥
भीमसेन शरैश्छिन्नैराच्छन्ना वसुधाभवत्।
 
 
अनुवाद
वहाँ की भूमि रथियों, घुड़सवारों, सारथि, पैदल सैनिकों, घोड़ों और हाथियों के शवों से ढकी हुई थी, जो भीमसेन के बाणों से टुकड़े-टुकड़े हो गये थे।
 
The ground there was covered with the corpses of charioteers, horsemen, charioteers, foot soldiers, horses and elephants, who were cut to pieces by Bhimasena's arrows. 74 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)