Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.69: जैसे एक ही सूर्य समस्त अंधकार को नष्ट कर देता है, उसी प्रकार एक ही कर्ण ने बिना किसी परेशानी के उन सभी महान धनुर्धरों को नष्ट कर दिया जो भारी मात्रा में बाण वर्षा कर रहे थे। | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे एक ही सूर्य समस्त अंधकार को नष्ट कर देता है, उसी प्रकार एक ही कर्ण ने बिना किसी परेशानी के उन सभी महान धनुर्धरों को नष्ट कर दिया जो भारी मात्रा में बाण वर्षा कर रहे थे।
Just as a single Sun destroys all darkness, similarly a single Karna without any hassle destroyed all those great archers who were showering tons of arrows. 69.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥