Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.61-62: राजन! कर्ण का पराक्रम देखकर मुझे विश्वास हो गया कि युद्धभूमि में सूतपुत्र के हाथों से एक भी पांचाल योद्धा जीवित नहीं बच सकेगा, क्योंकि सूतपुत्र युद्धभूमि में बार-बार पांचालों का संहार कर रहा था। | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! कर्ण का पराक्रम देखकर मुझे विश्वास हो गया कि युद्धभूमि में सूतपुत्र के हाथों से एक भी पांचाल योद्धा जीवित नहीं बच सकेगा, क्योंकि सूतपुत्र युद्धभूमि में बार-बार पांचालों का संहार कर रहा था।
King! After seeing the valour of Karna, I was convinced that not even a single Panchala warrior would be able to escape alive from the hands of Sutaputra on the battlefield because Sutaputra was repeatedly killing the Panchalas on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥