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mahabharat 8.56.46-47h: नरेन्द्र! वीर राधापुत्र कर्ण ने दूर से युद्ध करने वाले उन आठ योद्धाओं को आठ तीखे बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 46-47h
 
 
श्लोक  8.56.46-47h 
युध्यमानांस्तु तान् दूरान्मनुजेन्द्र प्रतापवान्॥ ४६॥
अष्टाभिरष्टौ राधेयोऽभ्यर्दयन्निशितै: शरै:।
 
 
अनुवाद
नरेन्द्र! वीर राधापुत्र कर्ण ने दूर से युद्ध करने वाले उन आठ योद्धाओं को आठ तीखे बाणों से घायल कर दिया।
 
Narendra! The valiant Radha's son Karna wounded those eight warriors fighting from a distance with eight sharp arrows. 46 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)