Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.56.40-41h: उस समय न तो पांडवों ने और न ही हमने किसी योद्धा को युद्ध से विमुख होते देखा। तब कर्ण ने तुरंत ही पांचालों पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  8.56.40-41h 
न पाण्डवानां नास्माकं योध: कश्चित् पराङ्मुख:॥ ४०॥
प्रत्यदृश्यत् तत: कर्ण: पञ्चालांस्त्वरितो ययौ।
 
 
अनुवाद
उस समय न तो पांडवों ने और न ही हमने किसी योद्धा को युद्ध से विमुख होते देखा। तब कर्ण ने तुरंत ही पांचालों पर आक्रमण कर दिया।
 
At that time, neither the Pandavas nor we saw any warrior turning away from the battle. Then Karna immediately attacked the Panchalas. 40 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)