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mahabharat 8.56.4: सूत पुत्र कर्ण ने युद्ध भूमि में हजारों पांचाल, केकय और संजय योद्धाओं को मार डाला, जो महान धनुर्धर थे।   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.56.4 
सूतपुत्रोऽपि समरे पञ्चालान् केकयांस्तथा।
सृञ्जयांश्च महेष्वासान् निजघान सहस्रश:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
सूत पुत्र कर्ण ने युद्ध भूमि में हजारों पांचाल, केकय और संजय योद्धाओं को मार डाला, जो महान धनुर्धर थे।
 
Suta's son Karna killed thousands of Panchala, Kekaya and Sanjaya warriors, who were great archers, in the battle field. 4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)