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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  8.56.28-29h 
सच्छिन्नवर्मा नाराचप्रहारैर्जर्जरीकृत:॥ २८॥
धृष्टद्युम्नस्य भल्लेन क्रुद्धश्चिच्छेद कार्मुकम्।
 
 
अनुवाद
बाणों के प्रहार से उसका कवच कट गया और शरीर क्षत-विक्षत हो गया। उस स्थिति में क्रोधित होकर उसने भाले से धृष्टद्युम्न का धनुष काट डाला।
 
His armour was cut and his body was mangled by the blows of arrows. In that state, enraged, he cut off Dhrishtadyumna's bow with a spear. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)