Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.56.23-24h: शत्रुघ्नों का नाश करने वाले धृष्टद्युम्न ने टूटे हुए धनुष को फेंककर शीघ्रता से दूसरा धनुष उठा लिया, जो नया था और भार वहन करने में समर्थ था।   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  8.56.23-24h 
तदपास्य धनुश्छिन्नं पाञ्चाल्य: शत्रुकर्शन:॥ २३॥
अन्यदादत्त वेगेन धनुर्भारसहं नवम्।
 
 
अनुवाद
शत्रुघ्नों का नाश करने वाले धृष्टद्युम्न ने टूटे हुए धनुष को फेंककर शीघ्रता से दूसरा धनुष उठा लिया, जो नया था और भार वहन करने में समर्थ था।
 
Throwing away the broken bow, Dhrishtadyumna, the destroyer of all Shatrughan, swiftly took up another bow which was new and capable of bearing the load. 23 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)