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mahabharat 8.56.19-20h: धृष्टद्युम्न ने माद्री के पुत्र नकुल और सहदेव जैसे महारथियों को लांघकर अपने बाणों से आपके पुत्र को रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  8.56.19-20h 
माद्रीपुत्रौ तत: शूरौ व्यतिक्रम्य महारथौ॥ १९॥
धृष्टद्युम्नस्तव सुतं वारयामास सायकै:।
 
 
अनुवाद
धृष्टद्युम्न ने माद्री के पुत्र नकुल और सहदेव जैसे महारथियों को लांघकर अपने बाणों से आपके पुत्र को रोक दिया।
 
Dhrishtadyumna, leapfrogging the mighty warriors, sons of Madri, Nakula and Sahadeva, stopped your son with his arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)