Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.141-142h: महाराज! उस प्रहार से अश्वत्थामा मूर्छित होकर ध्वजदण्ड के सहारे लुढ़क गया। शत्रुओं से अत्यन्त पीड़ित और मूर्छित हुए अश्वत्थामा को उसके सारथी अर्जुन ने रक्षा करते हुए युद्धभूमि से दूर ले गए। | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स मूर्च्छां परमां गत्वा ध्वजयष्टिं समाश्रित:।
तं विसंज्ञं महाराज शत्रुणा भृशपीडितम्॥ १४१॥
अपोवाह रणात् सूतो रक्षमाणो धनंजयात्।
अनुवाद
महाराज! उस प्रहार से अश्वत्थामा मूर्छित होकर ध्वजदण्ड के सहारे लुढ़क गया। शत्रुओं से अत्यन्त पीड़ित और मूर्छित हुए अश्वत्थामा को उसके सारथी अर्जुन ने रक्षा करते हुए युद्धभूमि से दूर ले गए।
Maharaj! Ashwatthama fell unconscious due to that blow and rolled down with the support of the flagstaff. Ashwatthama, who was extremely afflicted by the enemy and unconscious, was taken away from the battlefield by his charioteer Arjuna, protecting him. 141 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥