Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.137: क्या तुम्हारी दोनों भुजाएँ ठीक हैं ? क्या तुम्हारी मुट्ठियाँ ढीली हो गई हैं ? हे अर्जुन ! मैं देख रहा हूँ कि अश्वत्थामा युद्धभूमि में तुम पर विजय प्राप्त कर रहा है ॥137॥ | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कच्चित् कुशलिनौ बाहू मुष्टिर्वा न व्यशीर्यत।
उदीर्यमाणं हि रणे पश्यामि द्रौणिमाहवे॥ १३७॥
अनुवाद
क्या तुम्हारी दोनों भुजाएँ ठीक हैं ? क्या तुम्हारी मुट्ठियाँ ढीली हो गई हैं ? हे अर्जुन ! मैं देख रहा हूँ कि अश्वत्थामा युद्धभूमि में तुम पर विजय प्राप्त कर रहा है ॥137॥
‘Are both your arms intact? Has your fist become loose? Arjuna! I see that Ashvatthama is getting the better of you on the battlefield.॥ 137॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥