Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.134-135: तत्पश्चात् क्रोध में भरे हुए श्रीकृष्ण ने अर्जुन से प्रेमपूर्वक कहा, 'पार्थ! मैं युद्धस्थल में तुम्हारा विचित्र उपेक्षापूर्ण आचरण देख रहा हूँ। भरत! आज द्रोणपुत्र अश्वत्थामा तुमसे पूर्णतया परास्त हो रहा है।' 134-135 | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् क्रोध में भरे हुए श्रीकृष्ण ने अर्जुन से प्रेमपूर्वक कहा, 'पार्थ! मैं युद्धस्थल में तुम्हारा विचित्र उपेक्षापूर्ण आचरण देख रहा हूँ। भरत! आज द्रोणपुत्र अश्वत्थामा तुमसे पूर्णतया परास्त हो रहा है।' 134-135
Thereafter, Shri Krishna, who was filled with anger, said to Arjuna lovingly, 'Parth! I am seeing your strange behaviour of neglect on the battlefield. Bhaarat! Today, Drona's son Ashwatthama is surpassing you completely. 134-135.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥