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mahabharat 8.56.126: सिद्धों और चारणों के समुदाय वहाँ सब दिशाओं से आकर यह ध्यान करने लगे कि ‘आज सारा जगत कल्याण करे ॥126॥   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 126
 
 
श्लोक  8.56.126 
सिद्धचारणसंघाश्च सम्पेतुस्ते समन्तत:।
चिन्तयन्तो भवेदद्य लोकानां स्वस्त्यपीति च॥ १२६॥
 
 
अनुवाद
सिद्धों और चारणों के समुदाय वहाँ सब दिशाओं से आकर यह ध्यान करने लगे कि ‘आज सारा जगत कल्याण करे ॥126॥
 
Communities of Siddhas and Charanas arrived there from all directions and began to meditate, ‘May the whole world prosper today.’॥ 126॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)