Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.56.125: चर-अचर जगत के रक्षक उन दोनों वीरों को बाणों से आच्छादित देखकर स्थावर-जंगम समस्त प्राणी पीड़ा से चिल्ला उठे ॥125॥ | mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चर-अचर जगत के रक्षक उन दोनों वीरों को बाणों से आच्छादित देखकर स्थावर-जंगम समस्त प्राणी पीड़ा से चिल्ला उठे ॥125॥
Beholding those two heroes, protectors of the animate and inanimate world, covered with arrows, all the mobile and immobile creatures cried out in pain. ॥125॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥