Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.56.108: वह अपने भाले से बड़ी फुर्ती से अत्याचारी शत्रुओं के अस्त्र, हाथ, भुजाएँ और सिर काट रहा था ॥108॥   |   mahabharat अध्याय 8.56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 56: नकुल-सहदेवके साथ दुर्योधनका युद्ध, धृष्टद्युम्नसे दुर्योधनकी पराजय, कर्णद्वारा पांचाल-सेनासहित योद्धाओंका संहार, भीमसेनद्वारा कौरव योद्धाओंका सेनासहित विनाश, अर्जुनद्वारा संशप्तकोंका वध तथा अश्वत्थामाका अर्जुनके साथ घोर युद्ध करके पराजित होना  »  श्लोक 108
 
 
श्लोक  8.56.108 
प्रचिच्छेदाशु भल्लेन द्विषतामाततायिनाम्।
शस्त्रं पाणिं तथा बाहुं तथापि च शिरांस्युत॥ १०८॥
 
 
अनुवाद
वह अपने भाले से बड़ी फुर्ती से अत्याचारी शत्रुओं के अस्त्र, हाथ, भुजाएँ और सिर काट रहा था ॥108॥
 
With his spear he was cutting off the weapons, hands, arms and heads of the tyrannical enemies with great agility. ॥108॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)