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तत्राश्चर्यमपश्याम बाणभूते तथाविधे।
न स्म सम्पतते भूतं किंचिदेवान्तरिक्षगम्॥ ७॥
अनुवाद
इस प्रकार जब आकाश बाणों से भर गया, तब हमने वहाँ यह आश्चर्य की बात देखी कि आकाश में उड़ने वाला कोई भी प्राणी वहाँ से उड़कर नीचे नहीं आ सकता था।
In this way, when the sky became full of arrows, we saw the surprising thing there that no creature flying in the sky could fly from there and come down.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥