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mahabharat 8.55.13-14: युधिष्ठिर ने तिहत्तर, प्रतिविन्ध्य ने सात, श्रुतकर्मा ने तीन, श्रुतकीर्ति ने सात, सुतसोम ने नौ और शतानीक ने सात बाण उस पर छोड़े। अन्य अनेक वीर योद्धाओं ने भी अश्वत्थामा को सब ओर से घायल कर दिया॥13-14॥   |   mahabharat अध्याय 8.55: अश्वत्थामाका घोर युद्ध, सात्यकिके सारथिका वध एवं युधिष्ठिरका अश्वत्थामाको छोड़कर दूसरी ओर चले जाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 55: अश्वत्थामाका घोर युद्ध, सात्यकिके सारथिका वध एवं युधिष्ठिरका अश्वत्थामाको छोड़कर दूसरी ओर चले जाना  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  8.55.13-14 
युधिष्ठिरस्त्रिसप्तत्या प्रतिविन्ध्यश्च सप्तभि:।
श्रुतकर्मा त्रिभिर्बाणै: श्रुतकीर्तिश्च सप्तभि:॥ १३॥
सुतसोमस्तु नवभि: शतानीकश्च सप्तभि:।
अन्ये च बहव: शूरा विव्यधुस्तं समन्तत:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने तिहत्तर, प्रतिविन्ध्य ने सात, श्रुतकर्मा ने तीन, श्रुतकीर्ति ने सात, सुतसोम ने नौ और शतानीक ने सात बाण उस पर छोड़े। अन्य अनेक वीर योद्धाओं ने भी अश्वत्थामा को सब ओर से घायल कर दिया॥13-14॥
 
Yudhishthira shot seventy-three arrows, Prativindhya seven, Shrutakarma three, Shrutakirti seven, Sutasoma nine and Shatanika seven arrows at him. Many other valiant warriors also wounded Ashwatthama from all sides.॥13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)