Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.55.10-11: तत्पश्चात् जब पाण्डव सेना मारी जाने लगी, तब पराक्रमी योद्धा, द्रौपदीपुत्र और सात्यकि, धर्मराज युधिष्ठिर और पांचाल सैनिक संगठित हुए और मृत्यु से बिना किसी भय के द्रोणपुत्र पर आक्रमण कर दिया। | mahabharat अध्याय 8.55: अश्वत्थामाका घोर युद्ध, सात्यकिके सारथिका वध एवं युधिष्ठिरका अश्वत्थामाको छोड़कर दूसरी ओर चले जाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् जब पाण्डव सेना मारी जाने लगी, तब पराक्रमी योद्धा, द्रौपदीपुत्र और सात्यकि, धर्मराज युधिष्ठिर और पांचाल सैनिक संगठित हुए और मृत्यु से बिना किसी भय के द्रोणपुत्र पर आक्रमण कर दिया।
Thereafter, when the Pandava army started getting killed, the mighty warriors, Draupadi's son and Satyaki, Dharmaraja Yudhishthira and the Panchala soldiers got organized and without any fear of death, attacked Drona's son.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥