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mahabharat 8.54.d2: क्रोध में भरे हुए कृतवर्मा ने धृष्टद्युम्न सहित समस्त पाण्डवों को उसी प्रकार रोकना आरम्भ कर दिया, जैसे अग्नि उन्हें जलाने के लिए तत्पर हो।   |   mahabharat अध्याय 8.54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.54.d2 
(कृतवर्मा तु संक्रुद्धो दिधक्षुरिव पावक:।
धृष्टद्युम्नमुखान् सर्वान् पाण्डवान् पर्यवारयत्॥
 
 
अनुवाद
क्रोध में भरे हुए कृतवर्मा ने धृष्टद्युम्न सहित समस्त पाण्डवों को उसी प्रकार रोकना आरम्भ कर दिया, जैसे अग्नि उन्हें जलाने के लिए तत्पर हो।
 
Kritavarma, filled with anger, started stopping all the Pandavas including Dhrishtadyumna like a fire ready to burn them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)