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mahabharat 8.54.23: श्रेष्ठ! ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करने वाले ब्राह्मण कृपाचार्य को सुकेतु से युद्ध करने के लिए उद्यत देखकर शिखण्डी तुरन्त ही वहाँ से भाग गया॥23॥   |   mahabharat अध्याय 8.54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.54.23 
दृष्ट्वा च युक्तं तं युद्धे ब्राह्मणं चरितव्रतम्।
अपयातस्ततस्तूर्णं शिखण्डी राजसत्तम॥ २३॥
 
 
अनुवाद
श्रेष्ठ! ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करने वाले ब्राह्मण कृपाचार्य को सुकेतु से युद्ध करने के लिए उद्यत देखकर शिखण्डी तुरन्त ही वहाँ से भाग गया॥23॥
 
The best! Seeing the Brahmin Kripacharya, who had followed the vow of celibacy, ready to fight with Suketu, Shikhandi immediately ran away from there. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)