Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.54.21: राजन! कृपाचार्य के बाणों से पीड़ित शिखण्डी को देखकर चित्रकेतु के पुत्र महाबली सुकेतु तुरन्त उसकी सहायता के लिए आगे आये। 21॥   |   mahabharat अध्याय 8.54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  8.54.21 
शारद्वतशरैर्ग्रस्तं क्लिश्यमानं महाबल:।
चित्रकेतुसुतो राजन् सुकेतुस्त्वरितो ययौ॥ २१॥
 
 
अनुवाद
राजन! कृपाचार्य के बाणों से पीड़ित शिखण्डी को देखकर चित्रकेतु के पुत्र महाबली सुकेतु तुरन्त उसकी सहायता के लिए आगे आये। 21॥
 
Rajan! Seeing Shikhandi suffering due to the arrows of Kripacharya, the mighty Suketu, son of Chitraketu, immediately came forward to help him. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)