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mahabharat 8.54.14: इसी प्रकार पुत्र और सेना सहित युधिष्ठिर को कृपाचार्य के रथ पर चढ़ते देख द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने उन्हें रोक लिया॥14॥   |   mahabharat अध्याय 8.54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.54.14 
युधिष्ठिरमथायान्तं शारद्वतरथं प्रति।
सपुत्रं सहसैन्यं च द्रोणपुत्रो न्यवारयत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार पुत्र और सेना सहित युधिष्ठिर को कृपाचार्य के रथ पर चढ़ते देख द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने उन्हें रोक लिया॥14॥
 
Similarly, seeing Yudhishthira along with his son and army climbing on Kripacharya's chariot, Drona's son Ashwatthama stopped him. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)