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mahabharat 8.54.13: जब महारथी कृतवर्मा ने धृष्टद्युम्न को कृपाचार्य के रथ की ओर जाते देखा तो उन्होंने शीघ्रता से उसे रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  8.54.13 
धृष्टद्युम्नं ततो यान्तं शारद्वतरथं प्रति।
प्रतिजग्राह वेगेन कृतवर्मा महारथ:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
जब महारथी कृतवर्मा ने धृष्टद्युम्न को कृपाचार्य के रथ की ओर जाते देखा तो उन्होंने शीघ्रता से उसे रोक दिया।
 
When the great car-warrior, Kritavarman, saw Dhrishtadyumna going towards Krupacharya's chariot, he swiftly stopped him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)