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mahabharat 8.54.10: उसे अचानक आक्रमण करते देख कृपाचार्य ने युद्धस्थल में शिखण्डी को मुड़े हुए बाणों से आच्छादित कर दिया। यह बड़ी आश्चर्यजनक बात थी ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 8.54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 54: कृपाचार्यके द्वारा शिखण्डीकी पराजय और सुकेतुका वध तथा धृष्टद्युम्नके द्वारा कृतवर्माका परास्त होना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.54.10 
तमापतन्तं सहसा शरै: संनतपर्वभि:।
छादयामास समरे तदद्भुतमिवाभवत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उसे अचानक आक्रमण करते देख कृपाचार्य ने युद्धस्थल में शिखण्डी को मुड़े हुए बाणों से आच्छादित कर दिया। यह बड़ी आश्चर्यजनक बात थी ॥10॥
 
Seeing him suddenly attacking him, Krupacharya covered Shikhandi in the battleground with arrows having bent ends. This was an astonishing thing. ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)