Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.53.39-40h: माननीय महोदय! उससे हजारों बाण सब दिशाओं में प्रकट होकर आपकी सेना का विनाश करते हुए दिखाई दिए।   |   mahabharat अध्याय 8.53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  8.53.39-40h 
ततो बाणसहस्राणि समुत्पन्नानि मारिष॥ ३९॥
सर्वदिक्षु व्यदृश्यन्त निघ्नन्ति तव वाहिनीम्।
 
 
अनुवाद
माननीय महोदय! उससे हजारों बाण सब दिशाओं में प्रकट होकर आपकी सेना का विनाश करते हुए दिखाई दिए।
 
Honorable Sir! From that, thousands of arrows were seen appearing in all directions and destroying your army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)