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mahabharat 8.53.29: युद्धभूमि में जिन योद्धाओं पर कुंतीपुत्र अर्जुन ने पद्बन्धास्त्र का प्रयोग किया, वे सभी सर्पों द्वारा फँस गये।   |   mahabharat अध्याय 8.53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  8.53.29 
सर्वयोधा हि समरे भुजगैर्वेष्टिताभवन्।
यानुद्दिश्य रणे पार्थ: पादबन्धं चकार ह॥ २९॥
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में जिन योद्धाओं पर कुंतीपुत्र अर्जुन ने पद्बन्धास्त्र का प्रयोग किया, वे सभी सर्पों द्वारा फँस गये।
 
On the battlefield all the warriors on whom Kunti's son Arjun used the Padbandhaastra were entrapped by serpents.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)