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mahabharat 8.53.24: नरेश्वर! तत्पश्चात् शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले पाण्डु नन्दन अर्जुन ने बार-बार नागास्त्र का प्रयोग करके उन सबके पैर बाँध दिए॥24॥   |   mahabharat अध्याय 8.53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.53.24 
पादबन्धं ततश्चक्रे पाण्डव: परवीरहा।
नागमस्त्रं महाराज सम्प्रकीर्य मुहुर्मुहु:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! तत्पश्चात् शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले पाण्डु नन्दन अर्जुन ने बार-बार नागास्त्र का प्रयोग करके उन सबके पैर बाँध दिए॥24॥
 
Nareshwar! Thereafter, Pandu Nandan Arjun, who killed the enemy warriors, repeatedly used Nagastra and tied the feet of all of them. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)