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इत्येवमुक्त्वा बीभत्सुर्देवदत्तमथाधमत्।
पाञ्चजन्यं च कृष्णोऽपि पूरयन्निव रोदसी॥ २२॥
अनुवाद
ऐसा कहकर अर्जुन ने देवदत्त नामक शंख बजाया। फिर भगवान श्रीकृष्ण ने भी पाञ्चजन्य नामक शंख की ध्वनि पृथ्वी और आकाश में गूंजा दी॥22॥
Saying this, Arjun blew the conch named Devdutt. Then Lord Shri Krishna also spread the sound of the conch called Panchjanya, resonating in the earth and sky. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥