Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.53.20: महाबाहु श्रीकृष्ण! देखो, ये असंख्य संशप्तक योद्धा, जो क्रूर कर्म कर रहे हैं, हजारों की संख्या में कैसे मारे जा रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.53.20 
पश्य कृष्ण महाबाहो संशप्तकगणान् बहून्।
कुर्वाणान् दारुणं कर्म वध्यमानान् सहस्रश:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु श्रीकृष्ण! देखो, ये असंख्य संशप्तक योद्धा, जो क्रूर कर्म कर रहे हैं, हजारों की संख्या में कैसे मारे जा रहे हैं।
 
Mahabahu Sri Krishna! See how these numerous Sanshaptaka warriors, who are committing cruel acts, are being killed in thousands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)