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mahabharat 8.53.12-13h: उन सबने मिलकर पाण्डुपुत्र अर्जुन के विशाल रथ को घेर लिया। यद्यपि उन पर तीखे बाण लग रहे थे, फिर भी वे रथ को थामे रहे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  8.53.12-13h 
परिवव्रुस्तत: सर्वे पाण्डवस्य महारथम्॥ १२॥
निगृह्य तं प्रचुक्रुशुर्वध्यमाना: शितै: शरै:।
 
 
अनुवाद
उन सबने मिलकर पाण्डुपुत्र अर्जुन के विशाल रथ को घेर लिया। यद्यपि उन पर तीखे बाण लग रहे थे, फिर भी वे रथ को थामे रहे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
 
All of them together surrounded the huge chariot of Arjuna, son of Pandu. Even though they were being hit by sharp arrows, they still held on to the chariot and started shouting loudly. 12 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)