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mahabharat 8.53.11-12h: कुरुश्रेष्ठ! तत्पश्चात् आपके योद्धा होश में आकर अर्जुन पर उसी प्रकार बाणों की वर्षा करने लगे, जैसे बादल पर्वत पर जल बरसाते हैं॥11 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 53: अर्जुनद्वारा दस हजार संशप्तक योद्धाओं और उनकी सेनाका संहार  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  8.53.11-12h 
प्रतिलभ्य तत: संज्ञां योधास्ते कुरुसत्तम॥ ११॥
अर्जुनं सिषिचुर्बाणै: पर्वतं जलदा इव।
 
 
अनुवाद
कुरुश्रेष्ठ! तत्पश्चात् आपके योद्धा होश में आकर अर्जुन पर उसी प्रकार बाणों की वर्षा करने लगे, जैसे बादल पर्वत पर जल बरसाते हैं॥11 1/2॥
 
Kurushrestha! Thereafter, coming to his senses, your warriors started showering arrows on Arjuna in the same way as clouds shower water on a mountain. 11 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)