Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.52.31: योद्धाओं के कटे हुए सिर उन नदियों को चट्टानों की तरह ढक रहे थे। उनके बाल घास और कंटीली झाड़ियों जैसे लग रहे थे, उनकी हड्डियाँ मछलियों जैसी लग रही थीं, उनके धनुष, बाण और गदाएँ नावों जैसी लग रही थीं। | mahabharat अध्याय 8.52: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और कौरव-सेनाका व्यथित होना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
योद्धाओं के कटे हुए सिर उन नदियों को चट्टानों की तरह ढक रहे थे। उनके बाल घास और कंटीली झाड़ियों जैसे लग रहे थे, उनकी हड्डियाँ मछलियों जैसी लग रही थीं, उनके धनुष, बाण और गदाएँ नावों जैसी लग रही थीं।
The severed heads of the warriors covered those rivers like rocks. Their hair appeared like sedge and grass, their bones appeared like fishes, their bows, arrows and maces appeared like boats.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥