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mahabharat 8.52.24: हे भरतनन्दन! अन्य लोगों को दौड़ते देखकर अन्य बहुत से लोग एक दूसरे को अपना-अपना प्रसिद्ध नाम और गोत्र बताने लगे॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 8.52: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और कौरव-सेनाका व्यथित होना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 52: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और कौरव-सेनाका व्यथित होना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.52.24 
धावमानान् परांश्चान्यान् दृष्ट्वान्ये तत्र भारत।
गोत्रनामानि ख्यातानि शशंसुरितरेतरम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे भरतनन्दन! अन्य लोगों को दौड़ते देखकर अन्य बहुत से लोग एक दूसरे को अपना-अपना प्रसिद्ध नाम और गोत्र बताने लगे॥ 24॥
 
Bharatanandan! Seeing other people running, many other people began telling each other their famous names and gotra.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)