श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 52: दोनों सेनाओंका घोर युद्ध और कौरव-सेनाका व्यथित होना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  8.52.21 
हयाश्च निहता बाणैर्हेमभाण्डविभूषिता:।
निषेदुश्चैव मम्लुश्च बभ्रमुश्च दिशो दश॥ २१॥
 
 
अनुवाद
बहुत से स्वर्ण-आभूषणों से विभूषित घोड़े बाणों से घायल होकर बैठ जाते, मलिन हो जाते और सब दिशाओं में दौड़ने लगते ॥21॥
 
Many horses adorned with golden ornaments would sit down after being wounded by arrows, would become dirty and start running in all directions. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)