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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध
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श्लोक 80
श्लोक
8.51.80
ततस्ते पाण्डवा राजन् कौरवाश्च महारथा:।
ततक्षु: सायकैस्तीक्ष्णैर्निघ्नन्तो हि परस्परम्॥ ८०॥
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् पाण्डव और कौरव एक-दूसरे पर तीखे बाणों से आक्रमण करने लगे।
Rajan! Thereafter, Pandavas and Kauravas started attacking each other with sharp arrows.
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे एकपञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलयुद्धविषयक इक्यावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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