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mahabharat 8.51.79-80h: क्रोध से भरे हुए उन महाप्रतापी योद्धाओं के शरीरों को देखकर मैं बहुत भयभीत हो गया कि यह युद्ध कैसा होगा ॥79 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 79-80h
 
 
श्लोक  8.51.79-80h 
तेषां दृष्ट्वा तु क्रुद्धानां वपूंष्यमिततेजसाम्॥ ७९॥
अभवन्मे भयं तीव्रं कथमेतद् भविष्यति।
 
 
अनुवाद
क्रोध से भरे हुए उन महाप्रतापी योद्धाओं के शरीरों को देखकर मैं बहुत भयभीत हो गया कि यह युद्ध कैसा होगा ॥79 1/2॥
 
Looking at the bodies of those illustrious warriors filled with anger, I was very afraid as to what this war would be like. ॥ 79 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)