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mahabharat 8.51.78-79h: महाराज! जब मैंने उन वीर योद्धाओं को युद्धभूमि में एक-दूसरे को डाँटते देखा, तो मुझे लगा कि अब वे जीवित नहीं रहेंगे।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 78-79h
 
 
श्लोक  8.51.78-79h 
तान् दृष्ट्वा समरे शूरांस्तर्जमानान् परस्परम्॥ ७८॥
अभवन्मे मती राजन् नैषामस्तीति जीवितम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! जब मैंने उन वीर योद्धाओं को युद्धभूमि में एक-दूसरे को डाँटते देखा, तो मुझे लगा कि अब वे जीवित नहीं रहेंगे।
 
King! When I saw those brave warriors scolding each other in the battlefield, I thought that they would no longer live. 78 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)