Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.51.53: तत्पश्चात् चमड़े से मढ़े हुए पाँच सौ रथी गड़गड़ाहट करते हुए चारों ओर से भीमसेन पर टूट पड़े और बाणों की वर्षा से उन्हें घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  8.51.53 
रथा: पञ्चशताश्चान्ये ह्रादिनश्चर्मवर्मिण:।
भीममभ्यद्रवन् घ्नन्त: शरपूगै: समन्तत:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् चमड़े से मढ़े हुए पाँच सौ रथी गड़गड़ाहट करते हुए चारों ओर से भीमसेन पर टूट पड़े और बाणों की वर्षा से उन्हें घायल करने लगे।
 
Thereafter, five hundred chariots covered with leather, making a rumbling sound, attacked Bhimasena from all sides and began wounding him with showers of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)