Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.51.5: तुम्हारा कल्याण हो। शीघ्र जाकर राधापुत्र कर्ण का उद्धार करो। वह भीमसेन के भय से व्याकुल होकर संकट के गहरे सागर में डूब रहा है।॥5॥   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  8.51.5 
शीघ्रं गच्छत भद्रं वो राधेयं परिरक्षत।
भीमसेनभयागाधे मज्जन्तं व्यसनार्णवे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारा कल्याण हो। शीघ्र जाकर राधापुत्र कर्ण का उद्धार करो। वह भीमसेन के भय से व्याकुल होकर संकट के गहरे सागर में डूब रहा है।॥5॥
 
May you be blessed. Go quickly and save Karna, the son of Radha. He is drowning in the deep ocean of trouble, filled with fear of Bhimasena.'॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)