Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.51.46: परम गुप्त स्थानों को जानने वाले बलवान भीमसेन ने भी उन गजराजों को अपनी गदा से उनके परम महत्वपूर्ण स्थानों, ओष्ठ, नेत्र, कुंभस्थल और कपोलों पर चोट पहुँचाई ॥46॥ | mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दन्तवेष्टेषु नेत्रेषु कुम्भेषु च कटेषु च।
मर्मस्वपि च मर्मज्ञस्तान् नागानवधीद् बली॥ ४६॥
अनुवाद
परम गुप्त स्थानों को जानने वाले बलवान भीमसेन ने भी उन गजराजों को अपनी गदा से उनके परम महत्वपूर्ण स्थानों, ओष्ठ, नेत्र, कुंभस्थल और कपोलों पर चोट पहुँचाई ॥46॥
The powerful Bhimasena, who knows the most intimate places, also gave injury to those Gajraj kings with his mace on their most important places, lips, eyes, Kumbhasthals and cheeks. 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥