Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.51.45: शत्रुओं को पीड़ा देने वाले भीमसेन ने क्रोध में आकर आक्रमण करने में कुशल और ईशा के दण्ड के समान दाँत वाले सात सौ हाथियों को अचानक मार डाला ॥ 45॥   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  8.51.45 
नागान् सप्तशतान् राजन्नीषादन्तान् प्रहारिण:।
व्यधमत् सहसा भीम: क्रुद्धरूप: परंतप:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं को पीड़ा देने वाले भीमसेन ने क्रोध में आकर आक्रमण करने में कुशल और ईशा के दण्ड के समान दाँत वाले सात सौ हाथियों को अचानक मार डाला ॥ 45॥
 
Bhimasena, the tormentor of enemies, in anger, skilled in attacking and having tusks like the staff of Isha, suddenly killed seven hundred elephants. ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)