Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.51.44: हे प्रजानाथ! जिस प्रकार वायु शरद ऋतु के बादलों को शीघ्रता से उड़ा ले जाती है, उसी प्रकार भीमसेन बड़े वेग से उछलकर अपनी गदा के प्रहार से आपकी सेना का विनाश करने लगे। | mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रजानाथ! जिस प्रकार वायु शरद ऋतु के बादलों को शीघ्रता से उड़ा ले जाती है, उसी प्रकार भीमसेन बड़े वेग से उछलकर अपनी गदा के प्रहार से आपकी सेना का विनाश करने लगे।
O Prajanath! Just as the wind quickly blows away the autumn clouds, in the same way Bhimasena, jumping with great force, began destroying your army with the blows of his mace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥